वक्त से ज़्यादा ज़िंदगी में अपना और पराया कोई भी नहीं होता..
वक्त अच्छा होता है तो सब अपने होते है..
और वक्त ख़राब हो तो अपने भी पराए हो जाते है..
जैसे आपके पास पास धन हैतो आपके साथ सबका मन अच्छा
और आपके पास धन नहि है तो आपके साथ कौन भि नहि है
वक्त से ज़्यादा ज़िंदगी में अपना और पराया कोई भी नहीं होता..
वक्त अच्छा होता है तो सब अपने होते है..
और वक्त ख़राब हो तो अपने भी पराए हो जाते है..
जैसे आपके पास पास धन हैतो आपके साथ सबका मन अच्छा
और आपके पास धन नहि है तो आपके साथ कौन भि नहि है
देश सेवा हिच ईश्वर सेवा