#गौरवशाली_भारत
वैदिक संस्कृति महान सिन्धुघाटी में पली बढ़ी और पुरे विश्व में फैली. इसलिए कालान्तर में भारत के वैदिक लोग खुद को गर्व से सिन्धु (सिन्धु प्रदेश के निवासी) अपभ्रंश हिन्दू कहने लगे और हिन्दुओं का मूल प्रदेश भारत हिन्दुस्थान भी कहा जाने लगा. तत्कालीन वैदिक संस्कृति के अनुयायी अरब ईरान के लोग हिन्दुओं का वैसे ही सम्मान करते थे जैसे मुसलमान आज सऊदी अरब के लोगों का करते हैं और हिन्दुस्थान की वे वैसे ही पूजा करते थे जैसे आज मुसलमान मक्का की और ईसाई रोम की करते हैं. महादेव के भक्त मोहम्मद के चाचा द्वारा भारत की गुणगान की कविता आज भी ताम्रपत्र में सुरक्षित है. परन्तु अरब (और ईरान) में वैदिक संस्कृति के विरोध में ईसायत और इस्लाम के उदय के पश्चात वैदिक संस्कृति का स्रोत हिन्दुओं और हिन्दुस्थान से वे घृणा करने लगे और कुछ लोग उनके लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने लगे.
शुभ प्रभात! आपका दिन मंगलमय हो!!

By नमोन्यूजनेशन

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