दर्द
-हमें दर्द तब होता है़ जब हम नियमो का उलंघन करेंगें ।
-समाज विरोधी बनेगे तो समाज दुःख देगा । इसलिए समाजिक मर्यादाओं में चलो ।
-परिवार विरोधी कार्य करेंगें तो परिवार दुःख देगा । इस लिये परिवार के नियमो पर चलो ।
-जब हम भोजन के नियमो को नहीं मानते है़ तो अनेको रोग खड़े हो जाते हैं ।
– अब देखो आप को किस चीज का दुःख है़ ।
-किस से दुःख है़, रोग से, व्यक्ति से, परिवार से, समाज से, सरकार से, या मन में दुःख है़ । जिस से भी दुःख है़ तो समझ लो हम उस से संबन्धित नियमो का पालन नहीं कर रहे हैं ।
-नियम पुस्तकों में लिखे हुए है़ । अपने दुःख से संबन्धित पुस्तकें पढ़ना शुरू कर दो आप के सभी दुःख खत्म हो जाएगे ।
-राजयोग के अभ्यास से आधी व्याधि सब प्रकार के दुःख खत्म हो जाते हैँ ।
-किसी भी साधना को सिर्फ मानने से नही उस का का अभ्यास करने से भी दुख दूर होते हैं
