सनातन समाज !🔥
सनातन समाज को कौन बांटकर खत्म कर रहा है? दोशी कौन है ? जरूर विचार करो !!!🔥
क)- सनातन समाज के बदले लगभग 1450 वर्ष पूर्व नये बने —
इस्लाम में भी हैं ब्राह्मण- मुफ्ती ,इमाम,मोलाना आदि कौन हैं ये लोग अपने समाज के ब्राह्मण ही तो हैं , याद रखो हर समाज को चलाने के लिये कुछ लोग नियुक्त होते हैं इसी तरह से इस्लाम में भी इस्लाम के नियमानुसार कुछ लोग नियुक्त हैं।🔥
ख)- सनातन समाज के बदले लगभग 2021 वर्ष पूर्व नये बने —
ईसाई में भी हैं ब्राह्मण – पादरी, फादर,विशप , पोप आदि कौन हैं ये लोग भी अपने समाज के ब्राह्मण ही तो हैं , याद रखो हर समाज को चलाने के लिये कुछ लोग नियुक्त होते हैं इसी तरह से इस्लाम में भी इस्लाम के नियमानुसार कुछ लोग नियुक्त हैं।🔥
🔥सनातन समाज के लोगों सोचो आखिर सनातनी हिन्दुओं के नियुक्त ब्राह्मणों का ही विरोध क्यों ???
क्या दे रहे हो और कितना दे रहे हो ब्राह्मणों को विचार जरूर कर लो ???🔥
🔥सोचो जबकि सनातन समाज के सन्त महात्माओं और ऋषियों और मुनियों की किताब पर ही संसार के वैज्ञानिक रिसर्च व खोज कर रहे हैं !!!🔥
नोट- जो भी समाज बनेगा उसको चलाने के लिये लोग रहते हैं । 🔥
विशेष ध्यान दें–🔥
(परमात्मा को जानने का रास्ता तो आसान है पर पाना कठिन है क्योंकि परमात्मा को पाने की पात्रता व मरमात्मा को पाने की लगन ही परमात्मा को पाने का मार्ग खोलती है)
सनातन समाज को चार भागों में समाज को बांटा गया–
1)- ब्राह्मण – 🔥🔥
शिक्षा,अध्यात्मिक ज्ञान की खोज, सभी मानवों के हित के उपाय हेतु नित नई खोज, चिकित्सा व आयुर्वेद व भुगोल व विज्ञान व ज्योतिष व खगोल व यज्ञ आदि की खोज करते रहना तथा समाज की जरूरत के हिसाब से काम करना समाज को जागरूक करना , सभी के जीविकोपार्जन हेतु समाज को जागरुक करना,रक्षा एवं सुरक्षा हेतु नई तकनीकी खोजना, सभी वर्गों के लोगों को अध्यात्मिक ज्ञान और भौतिक ज्ञान देना ,सभी को ज्ञान विज्ञान की खोज का लाभ देना , शासन को उचित सलाह व सेवा देना , कठोर व तपस्वी के रूप में आश्रम में रहना , देश व समाज की रक्षा में सदा तैयार रहना। दोशी पाये जाने पर चार गुना सजा मिलती थी।
2)- क्षत्रिय-🔥🔥
समाज के पीडित लोगों को बचाना, ब्राह्मणो को उनके कामों को करने में हर तरह से सुरक्षा देना , सुरक्षा की दृष्टि से ही प्रशिक्षण लेना , पशुओं और गायों की सुरक्षा करना , कमजोरों को दबंग लोगों से बचाना , देश व समाज की सुरक्षा हेतु सदा तैयार रहना। दोशी पाये जाने पर तीन गुना सजा मिलती थी।
3)- वैश्य-🔥🔥
खेती करना , व्यापार करना, समाज के लिये जरूरी समानों को हर तरह से बनवाना या बाहर से मंगा कर उपलब्ध कराना , समाज की हर जरूरी चीजें समाज को उपलब्ध कराना , शासन को टैक्स देना , देश व समाज की सुरक्षा हेतु सदा तैयार रहना , दोशी पाये जाने पर दोगनी सजा मिलती थी।
4)- शूद्र(सहायक) – 🔥🔥
समाज के द्वारा दिये गये काम को पूरा करना , ब्राह्मणो और क्षत्रियों वैश्यों के कामों में सहयोग करना जिससे समाज को हर तरह की सुविधा मिल सके, देश व समाज की सुरक्षा हेतु सदा तैयार रहना।दोशी पाये जाने पर एक गुना सजा मिलती थी।
नोट–
1)-सनातन समाज में समाज ही सबको रोजगार देता था। महाभारत का युद्ध विश्व युद्ध था , इसी महाभारत के बाद से सनातन समाज ही सबसे ज्यादा ही कमजोर हुवा तो विश्व में नये नये समाज बने तथा नये नये परमात्मा पैदा किये गये। अभी कितने समाज बनेंगे तथा परमात्मा पैदा किये जायेंगे। युद्ध के बाद क्या होता धर्मात्मा राजा मार दिए गए उनकी मरने के बाद अराजक तत्वों ने सत्ता पर कब्जा कर जनता का ही उत्पीड़न किया जिसके कारण जनता राष्ट्रवाद व देश हित व अपने हित से विमुख हो गई मतलब भूल ही गई ही गई है इसी का परिणाम है भारत कई सालों से गुलाम रहा गुलाम मी की पीड़ा से आज भी निकल नहीं पा रहा है सनातन समाज को खत्म करने हेतु पुस्तकालयों को जलाया गया विद्यालयों को जलाया गया। बाद में मौखिक ज्ञान के जरिए जरिये जो पुस्तकालय लिखे गये उनमें फर्जी ब्राह्मणों के जरिये कुछ हेराफेरी किये गये। सोचो क्यों पुस्तकालय जलाये गये।सत्ता की ताकत के बल पर 900 वर्षों से सनातन समाज को केवल खत्म किया जा रहा है । भारत के लोगों होश में आ जावो खुद को और सनातन समाज को बचालो। सनातन समाज संस्कृति से विश्व में बेरोजगारी खत्म होगी तथा लोग खुशहाल होंगे तथा विश्व में शान्ति आयेगी तथा भ्रष्टाचार व आतंकवाद तथा उत्पीड़न बन्द व खत्म होगा ।🔥🔥
2)- परिणाम- सनातन समाज के कमजोर होने से विश्व में प्राकृतिक आपदा का बोलबाला होता जा रहा है। रासायनिक उपयोग ने विश्व को कैंसर,लिवर डैमेज, किडनी फेलियर, एड़स, तमाम घातक बिमारियों ने घेर लिया है लोग मंहगी दवाइयों से आर्थिक रूप से लूटे जा रहे है। बेरोजगारी बढ़ रही है , आध्यत्मिक ज्ञान व्यापार हो गया है,सनातन अध्यात्मिक ज्ञान का लोग मजाक उड़ाया जा रहा है, परमात्मा को लोग मजाक समझ लिये हैं, इस्लाम व ईसाई समाज के लोग सनातन समाज का मजाक उडाते है जबकि सनातन देवी देवताओं का नाम बदलकर मनमाने तरीके से अपना अपना समाज बनाकर सनातन समाज को खत्म करना चाहते हैं ।ब्राह्मणों का मजाक उड़ाते है और उड़वाते हैं जीते जी परमात्मा को कैसे जाना जाय ये ज्ञान इनके पास नहीं है केवल मरने के बाद ये मिलेगा मरने के बाल वो मिलेगा या जिहाद करने की बात करेंगे। याद रखो इस्लाम व ईसाई समाज के पहले से सनातन अध्यात्मिकज्ञान था । सभी मानवों चाहे तुम कोई भी हो याद रखो परमात्मा को पाने का एक ही रास्ता है केवल साधन अलग हो सकता है। मानवों का एक ही धर्म होता है वह है केवल कर्तव्य। हिन्दू ,इस्लाम, ईसाई ,बौद्ध , जैन ,सिख , ये पृथ्वी पर रह रहे मानवों की पार्टियां हैं धर्म नहीं है। परमात्मा तो जो पहले से था वही आज है और सदा रहेगा परमात्मा तो सदा सनातन( निरन्तर ) है और रहेगा ।🔥🔥
नोट– संसार में मानवता को बचाने के हेतु इस महा युद्घ में शामिल हों और इस सन्देश को जरूर ही शेयर करें ।
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