*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 15 जून 2023*
*⛅दिन – गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – आषाढ़ (गुजरात, महाराष्ट्र में ज्येष्ठ)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – द्वादशी सुबह 08:32 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
*⛅नक्षत्र – भरणी दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
*⛅योग – सुकर्मा रात्रि 02:03 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:22 से 04:03 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:54*
*⛅सूर्यास्त – 07:26*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:30 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत, षडशीति-मिथुन संक्रांति*
*⛅विशेष – द्वादशी को पूतिका (पोई) एवं त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹षडशीति संक्रांति : 15 जून 2023 🌹*
*🌹पुण्यकाल : शाम 06:29 से सूर्यास्त तक*
*🌹षडशीति संक्रांति में किये गए जप-ध्यान व पुण्यकर्म का फल 86000 हजार गुना होता है । -पद्म पुराण*
*🔹प्रदोष व्रत – 15 जून 2023🔹*
*🌹 जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है । प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है । जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं, वह समय शिव पूजा व गुरु पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है ।*
*🔹गुरुवार विशेष 🔹*
*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*
*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*
*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*
*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*
*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*
*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*
*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*
*🔹भोजन सम्बन्धी कुछ नियम🔹*
*🔸सनातन धर्म के अनुसार भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है:- (भाग -३)*
*👉 (१९)सबसे पहले मीठा, फिर नमकीन, अंत में कडुवा खाना चाहिए ।*
*मधुरलवणकटु – एवं क्रमेण खादनीयम्।*
*👉 (२०)थोडा खाने वाले को – आरोग्य, आयु, बल, सुख, सुन्दर संतान और सौंदर्य प्राप्त होता है ।*
*अल्पहारिणा आरोग्यं च आयु: च बलं च सुखं च रूपवान् पुत्र: च सौन्दर्यं च लभ्यन्ते ।*
*👉 (२१) जिसने ढिढोरा पीट कर खिलाया हो वहा कभी न खाए ।*
*यः प्रचारं कृत्वा भोजयते तत्र कदापि न भोक्तव्यम्।*
*👉 (२२) कुत्ते का छुवा, रजस्वला स्त्री का परोसा, श्राध का निकाला, बासी, मुंह से फूक मारकर ठंडा किया, बाल गिरा हुआ भोजन, अनादर युक्त, अवहेलना पूर्ण परोसा गया भोजन कभी न करे ।*
*👉 (२३) कंजूस का, राजा का, वेश्या के हाथ का, शराब बेचने वाले का दिया भोजन कभी नहीं करना चाहिए ।*
*कृपणेन च राज्ञा च गणिकया च मद्यविक्रेत्रा च दत्तं भोजनं कदापि न खादितव्यम्।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*
