आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 23 मई 2023*
*⛅दिन – मंगलवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – चतुर्थी रात्रि 12:57 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र – आर्द्रा दोपहर 12:39 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग – शूल शाम 04:47 तक तत्पश्चात गण्ड*
*⛅राहु काल – शाम 03:57 से 05:37 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:56*
*⛅सूर्यास्त – 07:17*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:13 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी, गुरु अर्जुनदेवजी शहीदी दिवस, मंगलवारी चतुर्थी ( सूर्योदय से रात्रि 12:57 तक), उमा चतुर्थी (बंगाल, ओड़िशा)*
*⛅विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹मंगलवारी चतुर्थी – 23 मई 2023🌹*
*पुण्यकाल : सूर्योदय से रात्रि 12:57 तक*
*🌹जैसे सूर्य ग्रहण को दस लाख गुना फल होता है, वैसे ही मंगलवारी चतुर्थी को होता है । बहुत मुश्किल से ऐसा योग आता है । मत्स्य पुराण, नारद पुराण आदि शास्त्र में इसकी भारी महिमा है ।*
*🌹इस दिन अगर कोई जप, दान, ध्यान, संयम करता है तो वह दस लाख गुना प्रभावशाली होता है, ऐसा वेदव्यास जी ने कहा है ।*
🔹 *कर्जे से छुटकारा के लिए* 🔹
*🔹मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना । जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है । बिना नमक का भोजन करें, मंगल देव का मानसिक आह्वान करें । चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें । कितना भी कर्जदार हो… काम धंधे से बेरोजगार हो… रोजी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा ।*
*🔸विनायक चतुर्थी – 23 मई 2023🔸*
*🌹 विनायक चतुर्थी हो या संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश आराधना का विशेष महत्व माना गया है । पौराणिक शास्त्रों में गणेश जी के 12 प्रसिद्ध नाम बताए गए हैं जिनका सुमिरन करने से हर बाधा व संकट का अंत होता है ।*
*🔸हर दिन इन नामों का स्मरण करने वाले व्यक्ति के जीवन में परेशानियां नहीं आती है । अगर रोज ये नाम नहीं भी पढ़ पा रहे हैं तो खास तौर पर गणेश चतुर्थी और बुधवार के दिन इन नामों का स्मरण अवश्य किया जाना चाहिए :-*
*1. सुमुख, 2. एकदंत, 3. कपिल, 4. गजकर्ण, 5. लंबोदर, 6. विकट, 7. विघ्नविनाशक, 8. विनायक, 9. धूम्रकेतु, 10. गणाध्यक्ष, 11. भालचन्द्र, 12. गजानन*
*🔸मोसंबी का रस🔸*
*👉 यह बल व रक्त वर्धक, शक्तिदायक एवं रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ानेवाला है । बीमार लोगों के लिए मोसंबी अमृत के समान है ।*
*👉 शरीर थकने व मन के ऊब जाने पर मोसंबी अथवा इसके रस का सेवन करें तो थकान,बेचैनी दूर होकर स्फूर्ति व प्रसन्नता बढ़ती है । मोसंबी का रस यकृत, आँतों तथा पाचनतंत्र को शुद्ध करके उन्हें सतेज बनाता है ।*
*👉 मोसंबी चूसने से दाँतों की सफाई होती है व भोजन सरलता से पचता है । सर्दी – जुकामवालों को मोसंबी का रस हलका गर्म करके उसमें २ – ४ बूँद अदरक के रस की डालकर पीना चाहिए ।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*
