*PM ने की मन की बात, कहा- कोरोना पर फिर भारत विजय हासिल करेगा, वारियर्स का किया हौसला अफ़जाई, गिनाई सरकार की उपलब्धियां*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश ने कोरोना की पहली लहर के खिलाफ पूरे हौसले से लड़ाई लड़ी थी और अब दूसरी लहर में भी वह मजबूती से उसका मुकाबला कर रहा है. मास्क, उचित दूरी का पालन और टीकाकरण को बचाव का सही उपाय बताते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि भारत इस बार भी महामारी पर विजय हासिल करेगा. मन की बात की 77वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जहां कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, वहीं हाल के दिनों में उसे विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ा है और भारत ने सामूहिक शक्ति से उसका भी डटकर मुकाबला किया.
उन्होंने कहा, अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने, फिर दो बड़े चक्रवातों का सामना किया पश्चिमी तट पर चक्रवात टाउते और पूर्वी तट पर चक्रवात यास आया. इन दोनों चक्रवातों ने कई राज्यों को प्रभावित किया. देश और देश की जनता इनसे पूरी ताक़त से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की. उन्होंने कहा, हम अब ये अनुभव करते हैं कि पहले के वर्षों की तुलना में, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचा पा रहे हैं.
विपदा की इस कठिन और असाधारण परिस्थिति का साहस, धैर्य और अनुशासन के साथ मुकाबला करने के लिए उन्होंने चक्रवात से प्रभावित हुए सभी राज्यों के लोगों की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा, केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए हैं.
कोविड महामारी की दूसरी लहर में देश के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन की कमी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार की ओर से इस कमी को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र और इसमें योगदान वाले योद्धओं से बात भी की और उनके अनुभव सुने.
उन्होंने कहा, आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, सामान्य दिनों में हमारे यहां एक दिन में 900 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन का उत्पादन होता था, लेकिन अब यह 10 गुना से भी ज्यादा बढ़कर, करीब-करीब 9500 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कोरोना की शुरुआत में देश में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये केवल एक ही प्रयोगशाला थी जो आज बढ़कर 2500 से ज्यादा हो गई हैं. उन्होंने कहा, शुरू में कुछ सौ जांच एक दिन में हो पाती थीं, अब 20 लाख से ज्यादा जांच एक दिन में होने लगी हैं. अब तक देश में 33 करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच की जा चुकी है.
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के साथ ही आपदा की विभिन्न घटनाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा इस मुश्किल घड़ी में सरकार उन लोगों के साथ मज़बूती से खड़ी है जिन्होंने नुक़सान झेला है. उन्होंने कहा, चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है. देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने, देश को हर तूफ़ान से बाहर निकाला है.
प्रधानमंत्री ने इस दौरान ऑक्सीजन टैंकर के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले दिनेश बाबूलाल उपाध्याय, ऑक्सीजन एक्सप्रेस लोको पायलट शिरिषा गजनी और हवाई मार्ग से विदेशों से भारत में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने में योगदान देने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन पटनायक से संवाद किया.
पीएम मोदी ने कहा, आज 30 मई को हम मन की बात कर रहे हैं और संयोग से ये सरकार के 7 साल पूरे होने का भी समय है. इन वर्षों में देश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर चला है. पीएम ने कहा, ‘मुझे कितने ही देशवासियों के संदेश, उनके पत्र देश के कोने-कोने से मिलते हैं. कितने ही लोग देश को धन्यवाद देते हैं कि 70 साल बाद उनके गांव में पहली बार बिजली पहुंची है. कितने ही लोग कहते हैं कि हमारा भी गांव अब पक्की सड़क से, शहर से जुड़ गया है.
इन 7 सालों में हमने साथ मिलकर ही कई कठिन परीक्षाएं भी दी हैं और हर बार हम सभी मजबूत होकर निकले हैं. कोरोना महामारी के रूप में, इतनी बड़ी परीक्षा तो लगातार चल रही है. इस वैश्विक महामारी के बीच भारत, सेवा और सहयोग के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. एक आदिवासी इलाके से कुछ साथियों ने मुझे एक संदेश भेजा था कि सड़क बनने के बाद पहली बार उन्हें ऐसा लगा कि वो भी बाकी दुनिया से जुड़ गए हैं. ऐसे ही कहीं कोई बैंक खाता खुलने की ख़ुशी साझा करता है. इन 7 सालों में आप सबकी ऐसी करोड़ों खुशियों में, मैं शामिल हुआ हूं.
आजादी के बाद 7 दशकों में हमारे देश के केवल साढ़े तीन करोड़ ग्रामीण घरों में ही पानी के कनेक्शन थे. लेकिन पिछले 21 महीनों में ही साढ़े 4 करोड़ घरों को साफ पानी के कनेक्शन दिए गए हैं. एक नया विश्वास देश में आयुष्मान योजना से भी आया है. जब कोई गरीब मुफ्त इलाज से स्वस्थ होकर घर आता है तो उसे लगता है कि उसे नया जीवन मिला है. इन 7 सालों में भारत ने डिजिटल लेनदेन में दुनिया को नई दिशा दिखाने का काम किया है. हम रिकॉर्ड सैटेलाइट भी प्रक्षेपित कर रहे हैं और रिकॉर्ड सड़कें भी बना रहे हैं. इन 7 वर्षों में ही देश के अनेक पुराने विवाद भी पूरी शांति और सौहार्द से सुलझाए गए हैं. पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक शांति और विकास का एक नया भरोसा जगा है.
